सुबह के ठीक 10:00 बजे से जिलाधिकारी यशपाल मीणा के द्वारा वैशाली समाहरणालय स्थित मुख्य भवन में संचालित नजारत शाखा ,नीलाम पत्र शाखा, विधि शाखा, जिला विकास शाखा का निरक्षण किया गया।

110

वैशाली/हाजीपुर। किया ,पंचायत ,रा जस्व, आपूर्ति शाखा सहित अन्य सभी शाखाओं का निरीक्षण किया गया और कर्मियों की उपस्थिति की जांच की गई।इस दौरान जिलाधिकारी के द्वारा शाखाओं में आगत एवं निर्गत पंजी सहित अन्य महत्वपूर्ण पंजीयों को देखा गया।जिलाधिकारी के द्वारा कार्यालय के प्रधान सहायकों को सभी रनिंग संचिकाओं को सुव्यवस्थित रखने एवं शेष को अच्छे से लाल एक रंगा में बांधकर रखने का निर्देश दिया गय
यहां से निकलने के बाद जिलाधिकारी ने महुआ प्रखंड स्थित पीएचसी का औचक निरीक्षण किया। यहां पर परिसर में गंदगी देखकर जिलाधिकारी ने काफी नाराजगी व्यक्त की और संपूर्ण परिसर को साफ सफाई कराने और परिसर में फूल पत्ती लगाकर हरा भरा रखने का निर्देश यहां के एमओआईसी को दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा महुआ अंचल एवं प्रखंड कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया और एक एक कर्मी की उपस्थिति की जांच की गई। यहां पर भी पंजियों का संधारण देखा गया। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी महुआ को सभी पंचायत सचिवों के प्रतिदिन के कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी के द्वारा महुआ अनुमंडल कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया एवं परिसर में स्थित जर्जर भवनों को ध्वस्त कर देने का निर्देश दिया गया ताकि उस जमीन का बेहतर उपयोग दूसरे कार्यों में किया जा सके।
यहां से निकल कर जिलाधिकारी ने वैशाली प्रखंड अंतर्गत निर्माणाधीन बौद्ध स्तूप का निरीक्षण किया और कार्य प्रगति की जांच की गई। निरीक्षण एवं प्रगति की जांच के समय कार्यकारी एजेंसी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी भी उपस्थित थे। जिलाधिकारी के द्वारा यहां पर कर्मियों की संख्या और बढ़ा कर कार्यों में और तेजी लाने का निर्देश दिया गया ताकि निर्धारित किए गए समय के भीतर इस संपूर्ण कार्य को पूरा कराया जा सके।

संवाददाता—राजेन्द्र कुमार।