जीविका के साझा शक्ति केंद्रों से होगा घरेलू हिंसा का निवारण महिलाओं को किया जा रहा है जागरूक

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शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा बिहार में कुल 15 सीएलएफ में साझा शक्ति केंद्र (जीआरसी) का उद्घाटन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य महीलाओं व लड़कियों के प्रति होने वाली हिंसा को स्थानीय स्तर पर समाधान करना हैं। एनआरएलएम के इस पहल में जिला परियोजना समन्वय इकाई, मुजफ्फरपुर के बोचहा तथा मीनापुर प्रखंड के कुल 9 साझा शक्ति केंद्र शामिल है।जिसमें दोनों ही प्रखंड के जीविका दीदियों ने हर्षोल्लास से भाग लिया। इस बारे में जानकारी देते हुए जिला परियोजना प्रबंधक अनिशा गांगुली ने बताया की मुजफ्फरपुर जिले के 15 केंद्रों पर लैंगिक भेदभाव को दूर करने के लिए और स्त्रियों पर होने वाले घरेलू हिंसा को रोकने के लिए ये केंद्र काम करेगा और शिकायत के बाद काउंसलिंग भी की जाएगी। इस सम्पूर्ण गतिविधि एवं अग्रेतर रणनीति बनाने में सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज (सी थ्री) जीविका को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है।
साझा शक्ति केंद्र की स्थापना के साथ ही दीदियों ने लैंगिक भेदभाव और हिंसा को रोकने हेतु शपथ ग्रहण किया तथा रंगोली, पोस्टर एवं रैलियों के माध्यम से जागरूकता अभियान की शुरुआत की। महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा को जड़ से समाप्त करने के लिए जीविका 25 नवंबर से ‘नयी चेतना’ अभियान की शुरुआत कर रही है, जो की 23 दिसंबर तक चलेगी। इस अभियान के द्वारा सभी जीविका दीदी, हिंसा के प्रकार पहचानने और उनका प्रतिकार करने के बारे में बात करेंगी। अभियान की शुरुआत करते हुए दीदियों ने नारा लगाया – अग़र हिंसा को मिटाना है, तो मिलकर कदम बढ़ाना है। साझा शक्ति केंद्रों के शुभारंभ के मौके पर जीविका की ओर से रितेश कुमार, शोभा कुमारी,राजीव रंजन, पन्नालाल संजीव रंजन और कल्पना कुमारी के साथ कई जीविका कर्मी उपस्थित थे।

Reported By Vipin | Muzaffarpur