आत्मनिर्भर भारत को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी नई शिक्षा नीति : निधि त्रिपाठी

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) देश की आकांक्षाओं के अनुरूप आत्मनिर्भर भारत को गढ़ने में महत्वपूर्ण बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के कदम का हार्दिक स्वागत करती है। भारत का प्रबुद्ध नागरिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के क्षेत्र में बडे परिवर्तनों की अपेक्षा लंबे समय से कर रहा था।

अभाविप की राष्ट्रिय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा – भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान आधारित, रोजगारोन्मुख, तकनीक युक्ति तथा विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास में सहायक शिक्षा के अनुरूप सुधार हो ; यह भारत का आम नागरिक भी चाहता था। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आम भारतीयों के उपर्युक्त अपेक्षाओं के अनुरूप उतरेगी। हालांकि , प्राथमिक स्तर पर भी छात्रों और अभिभावकों को शिक्षा की भाषा चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए।”

अभाविप गायघाट पूर्व प्रखंड संयोजक रोहित कुमार ठाकुर ने ट्विट करके बताया की “आज हमारे देश में नई शिक्षा पद्धति लागू होने के कगार पर है जिसे कैबिनेट द्वारा स्वीकृत कर लिया गया है। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 34 वर्षों के संघर्ष का अहम योगदान है। वर्तमान समय में भारतीय संस्कृति के हर उस गलतियों को सुधारा जा रहा है जिससे भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा। मैकाले शिक्षा पद्धति के पतन से ही भारतवर्ष का पुनरुत्थान संभव है।”

वहीं गायघाट नगर मीडिया प्रभारी मयंक मिश्रा ने कहा की “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आज 34 वर्षों का संघर्ष सफल हुआ! विद्यार्थी परिषद् इस नई शिक्षा पद्धति का तहे दिल से अभिनन्दन करता है! अब फिर से उम्मीदें जाग उठी है कि भारत विश्वगुरु बनके रहेगा!”

ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ्रंट ने भी नई शिक्षा नीति का समर्थन किया है। फ्रंट ने कहा, “देशहित में हम इस नीति का स्वागत करते हैं। इस क्षेत्र में बड़े सुधार के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य एजुकेशन सिस्टम को पूरी तरह बदलना है। अब उच्च शिक्षा के लिए एक ही नियामक संस्था होगी।”