संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है। देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल अब कानून बन गया है। बता दें कि इससे पहले सोमवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को मत विभाजन के बाद पास कर दिया गया था और इससे पहले विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया। अब इस कानून के बाद ही देश के अलग अलग हिस्सों में अवैध तरीके से रहने वाले अप्रवासियों के लिए अपने निवास का कोई प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा।उल्लेखनीय है कि इस कानून के लागू होने के बाद हिंदू सिख बौद्ध जैन पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं उन्हें 5 साल तक भारत में रहने के बाद भारत की नागरिकता दी जाएगी।

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Mukesh Kumar