चमकी बुखार की रोकथाम में मुखिया निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका…

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मुखिया को चमकी बुखार की रोकथाम के संबंध में दी जानकारी
सीतामढ़ी: एक तरफ आंगनवाड़ी सेविका सहायिका घर घर जाकर चमकी को धमकी दे रही हैं। वहीं दूसरी तरफ अब मुखिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी चमकी से बचाव को लेकर लोगों को करेंगे जागरूक करेंगे।

डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा के निर्देश पर आलोक में समाहरणालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉक्टर रविंद्र कुमार यादव द्वारा सभी मुखिया को चमकी बुखार एवं उससे बचाव के संबंध में व्यापक जानकारी दी गई।डॉ रविंद्र कुमार ने कहा कि मस्तिष्क ज्वर अथवा चमकी बुखार एक गंभीर बीमारी है जिसका अगर समय पर इलाज हो तो मरीज निश्चित रूप से ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि अत्याधिक गर्मी एवं नमी के मौसम में यह बीमारी फैलती है। 1 से 15 वर्ष के बच्चे इस बीमारी से ज्यादा प्रभावित होते हैं। तेज बुखार आना चमकी आना, दांत लगना ,बच्चे का सुस्त होना, आदि इसके लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य उपचार एवं सावधानियां से हम चमकी रोग का बचाव कर सकते हैं। अपने बच्चे को धूप से बचाएं, गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस का घोल अथवा नींबू चीनी पानी का गोल पिलाएं, रात में बच्चे को भर पेट खाना खिला कर ही सुलाये।

उन्होंने कहा कि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्याधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है। अतः बच्चे के इलाज में अंधविश्वास या ओझा गुनी का सहारा नहीं ले। तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछे एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से कम हो सके। तुरंत अपने नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। डीएम ने कहा कि लोगों में जागरूकता लाकर हम चमकी बुखार के प्रभाव को काफी कम कर सकते हैं इसमें हमारी मुखिया गणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सजग रहे,सतर्क रहें

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनकर ही बाहर निकले,सदैव सामाजिक दूरी का पालन करे,किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस होने पर जिला प्रशसन के नंबर 06226- 250316 पर सम्पर्क करें। हमेशा सरकार के दिशा निर्देशों का जरूर पालन करे। हम सब मिलकर ही कोरोना संक्रमण के चेन को रोक सकते है।