सावित्रीबाई फूले ने रूढी वादी परंपरा एवं अंधविश्वास ,वर्णवादी व्यवस्था के खिलाफ शिक्षा को हथियार बना व्यवस्था परिवर्तन की लङाई लङी।शिक्षा जगत मे पहला कदम रखने वाली सावित्रीबाई फुले को समाजिक प्रताड़ना एवं कोपभाजन सहन करना पङा था।वर्तमान परिस्थित मे नारी सशक्तिकरण का प्रेरणास्रोत माता सावित्रीबाई फुले को जाती है। यें बाते कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि समाजसेवी बागेश्वर कुमार उर्फ बबलू मालाकार ने गुरुवार को सुस्ता-माधोपुर स्थित दीक्षा स्थली विद्यालय के प्रांगण में सावित्रीबाई फूले मेमोरियल कमेटी मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में माता सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि को स्मृति दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही।वही अध्यक्षता बिन्देश्वरी प्रसाद ठाकुर व संचालन सुदेश भगत एवं नरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस कार्यक्रम मे बागेश्वर कुमार उर्फ बबलू मालाकार , पूर्व विधायक बोचहा श्रीमती बेबी कुमारी , डॉक्टर ललन भगत ,प्रमोद कुमार भगत, श्याम नंदन यादव,उपेन्द्र निषाद,संजय रजक, सुबोध कुमार ,पवननाथ पंकजम् , दिलीप कुमार राय, भागलपुर से आए हुए धीरज कुमार,सुरेश पासवान,प्रवीण कुमार, संतोष कुमार, दरभंगा से फूलदेव भंडारी, मुकेश शर्मा, ने स्मृति समारोह में उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया। वरिष्ठ पत्रकार हरि ओम कश्यप की रिपोर्ट। Post navigationकुढ़नी प्रखंड अंतर्गत बसौली जंगलेश्वर शिव मंदिर परिसर में महा शिवरात्रि के अवसर पर समस्त ग्रामीणो के सहयोग से 161 कन्याओ द्वारा कलश शोभा यात्रा निकाला गया। गायघाट के महुआरा गाँव में निकाली गई कलश यात्रा