सरैया प्रखंड अंतर्गत बघनगरी में संत रविदास जयंती पर भव्य उत्सव रैली निकला गया। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन ही संत रविदास जयंती मनाई जाती है। संत रविदास की गिनती महान संतों में होती है। संत रविदास बहुत ही सरल हृदय के थे और दुनिया का आडंबर छोड़कर हृदय की पवित्रता पर बल देते थे।इस बारे में उनकी एक कहावत – “जो मन चंगा तो कठौती में गंगा” यानी यदि आपका मन पवित्र है तो यहीं गंगा है। काफी प्रचलित है।संत रविदास जात-पात के विरोधी थे। पढ़ें उनका ये दोहा-“जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात,रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।” मौके पर मौजूदस्थानीय भावी उम्मीदवार उदय कुमार तिवारी, मनोज चौधरी आदि लोग मौजूद रहे। Post navigationख्वाजा गरीब नमाज मैनुद्दीन चिश्ती का उर्स के साथ ही चादर पोसी बना हिन्दू,मुस्लिम समुदाय का एकता का मिशाल। सरैया प्रखंड अंतर्गत बघनगरी में संत रविदास जयंती पर भव्य उत्सव रैली निकला गया।