अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजर बंद करके रखा गया है।
महबूबा महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगाया गया है जिसमें उन्हें 3 महीने की जेल की सजा बिना किसी ट्रायल के हो सकती हैं।
वही पीडीपी प्रवक्ता मोहित भान ने बताया कि, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खिलाफ पीएसए लगाए जाने की पीडीपी कड़ी आलोचना करती है। प्रवक्ता ने कहा, अगर सरकार का विरोध करने पर मुख्यधारा के नेताओं पर मुकदमे होते हैं तो यह लोकतंत्र की हत्या है।

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